हरियाणा मे प्रमुख नहरे व सिंचाई परियोजना (Canal and Irrigation in Haryana)

हरियाणा मे प्रमुख नहरे व सिंचाई परियोजना (Canal and Irrigation in Haryana)

प्रिय पाठकों आज हम आपके लिए लेकर आए है हरियाणा मे प्रमुख नहरे व सिंचाई परियोजनायें। (Canal and Irrigation in Haryana), जिससे आप आने वाले HSSC के Exams की तैयारी कर सकते है। अगर कोई जानकारी (Canal and Irrigation in Haryana) अधूरी रह जाती है तो कृपया करके आप हमारे कॉमेंट बॉक्स मे हमारे साथ सांझा कर सकते है।

हरियाणा राज्य एक कृषि प्रधान प्रदेश है जिसमे 70% लोग कृषि पर निर्भर रहते है। हरियाणा मे सिंचाई करने करने के लिए लगभग 337 लाख हेक्टेयर पानी की आवश्यकता होती है, लेकिन वर्तमान मे हमारे पास 169 लाख हेक्टेयर ही पानी उपलब्ध है।

हरियाणा मे प्रमुख नहरे(Canal and Irrigation in Haryana)

हरियाणा मे दो तरीके से ही सिंचाई की जाती है। नहरों से और नलकूपों  या टयूबेल से। इसके साथ ही 42% सिंचाई नहरों से की जाती है और 57 % सिंचाई नलकूपों या टयूबेलों से की जाती है। तो आइए पढ़ते है- हरियाणा मे प्रमुख नहरे व सिंचाई परियोजना (Canal and Irrigation in Haryana).

यहाँ आपको हरियाणा की मुख्य नहरों के बारे मे बताया जाएगा और किस-किस जिले मे नहरों से सिंचाई की जाती है।

पश्चिमी यमुना नहर

यह हरियाणा की सबसे प्रमुख नहर है। यह यमुनानगर के ताजेवाला नामक स्थान से निकलती है।

इसकी लंबाई 3226 किमी है। यह रोहतक, करनाल, सोनीपत, अम्बाला, सोनीपत मे सिंचाई करती है। यह राजस्थान व दिल्ली के क्षेत्रों मे भी सिंचाई करती है। यह 1351 मे फिरोजशाह तुगलक ने बनवाई थी और हरियाणा सरकार द्वारा 1977 मे इसमे पानी छोड़ा गया था।

दिल्ली, हाँसी, सिरसा तीन इसकी प्रमुख शाखाये है।

भाखड़ा नहर

इस नहर सतलुज नदी पर स्थित है। जहां पर भाखड़ा नांगल बांध है। जो हिमाचल प्रदेश के नांगल नामक स्थान से निकलती है। हरियाणा के जिले फतेहाबाद के टोहाना शहर मे प्रवेश करती है। इसकी दो प्रमुख शाखा है:-

नरवाना: जो जींद और नरवाना के क्षेत्रों मे सिंचाई करती है।

बरवाला: यह फतेहाबाद, रतिया, हिसार  और सिरसा के क्षेत्रों मे सिंचाई करती है।

इसकी कुल लंबाई 164 किमी है। 1946 मे इसका निर्माण कराया गया और 1954 मे इसमे पानी छोड़ा गया। इस भाखड़ा नहर व नांगल बांध बनाने का श्रेय सर छोटू राम को दिया जाता है।

जवाहर लाल नहर

इस नहर की शुरुआत 1976 मे की गई थी। यह भाखड़ा नहर से ही निकली गई नहर है। इस नहर से महेंद्रगढ़, भिवानी जिले मे सिंचाई की जाती है।

गुरुग्राम नहर

यह दिल्ली के ओखला बैराज नामक स्थान से यमुना नदी पर बांध बनाकर निकाली गई नहर है। यह गुरुग्राम, दिल्ली व फरीदाबाद जिलों मे सिंचाई करती है।

हरियाणा की सिंचाई परियोजना (Canal and Irrigation in Haryana)

जुई परियोजना

यह एक उत्थान सिंचाई परियोजना है। जो भिवानी जिले मे की जाती है जहां पर ऊंचे ऊंचे क्षेत्र है। वहाँ पर इस नहर का प्रयोग किया जाता है। इसकी कुल लंबाई 169 किमी है और 1969 मे शी शुरू किया गए था। इस नहर से लगभग 32 हजार हेक्टेयर भूमि की सिंचाई की जाती है।

लोहारु परियोजना

इसे इंदिरा गांधी उठान परियोजना के नाम से भी जाना जाता है। पहले यह भिवानी जिले मे सिंचाई करती थी। लेकिन जबसे चरखी दादरी जिला बना तब से यह चरखी दादारी जिले मे भी सिंचाई की जाती है। इसकी कुल लंबाई 225 किमी है।

भिवानी परियोजना

यह भाखड़ा नहर से ही निकाली गई है। इसे बी एन चक्रवती नहर भी कहते है। यह भिवानी जिले मे सिंचाई करती है। इसकी कुल लमंबाई 200 किमी है।

हथिनिकुंड बैराज परियोजना

यह यमुनानगर जिले मे स्थित है। इसका निर्माण 100 साल से भी पुराना है। इससे बनाने मे लभभग 200 करोड़ रुपए खर्च हुए है। तब जाकर हथिनिकुंड बैराज बना है।  इसका प्रयोग ताजेवाला हँडवर्क्स के स्थान पर किया जाता है।

नांगल परियोजना

इस परियोजना से अम्बाला जिले के गांवों मे सिंचाई उपलब्ध कारवाई गई थी। क्योंकि वहाँ के लोग इसी नहर के सहारे कृषि करते है।

JLN उठान परियोजना

इसे जवाहर लाल नहरी सिंचाई परियोजना कहा जाता है। महेंद्रगढ़ जिले मे सिंचाई करती है। वहाँ की गांवों मे सूखा पड़ने पर इस नहर का प्रयोग करते है, ताकि खरीफ की फसल को बचाया जा सके।

सतलुज यमुना लिंक परियोजना

इसे SYL के नाम से भी जाना जाता है। जो हरियाणा और पंजाब की सयुक्त परियोजना है। इसकी कुल लंबाई 212 किमी है। जिसमे 121 किमी पंजाब व 91 किमी हिस्सा हरियाणा के पास है। इसके पानी के बंटवारे के लिए 24 मार्च 1976 को अधिसूचना जारी कर थी।  इस लिंक पर सबसे पहले मुद्दा मुख्यमंत्री बनारसी दास गुप्ता ने उठाया था। जो आज भी दोनों राज्यों मे चल रहा है।

अन्य हरियाणा मे प्रमुख नहरे व सिंचाई परियोजना(Canal and Irrigation in Haryana)

हरियाणा मे पवन चक्की के विकास के लिए सहयोग देश: जर्मनी और पोलैंड

भाखड़ा बांध के वास्तुकार के रूप मे सर छोटूराम को जाना जाता है

नेहरू उत्थान परीयोजना

झज्जर उत्थान परीयोजना

सांगा नरवाना परीयोजना

सिवानी लिफ्ट परीयोजना

वर्तमान मे 42% सिंचाई नहरों से की जाती है। 57 % सिंचाई नलकूपों या टयूबेलों से की जाती है।

पहले 48% सिंचाई नहरों से की जाती है। 51% सिंचाई नलकूपों या टयूबेलों से की जाती है।

सिंचाई विभाग का मुख्यालय: पंचकूला

उत्तर पूर्वी भाग मे सिंचाई की जाती है: वर्षा द्वारा

आशा करता हूँ कि मेरे द्वारा दी गई जानकारी हरियाणा मे प्रमुख नहरे व सिंचाई परियोजना (Canal and Irrigation in Haryana) से आप संतुष्ट होंगे। अधिक जानकारी लेने के लिए हमारे साथ जुड़े रहें।

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