अकबर के 9 रत्न | Akbar ke 9 ratan

अकबर के 9 रत्न – Akbar ke 9 ratan

भारत के इतिहास में शासक के तौर पर जल्लालुदीन मोहम्मद अकबर का नाम विशेष महत्व रखता है उसने भारत के बहुत बड़े क्षेत्र पर शासन किया इसके साथ ही उसने एक नए धर्म दीन-ए-इलाही की स्थापना कीअकबर ने धर्म से ऊपर उठकर कई फैसले लिए जिनके लिए एक उदार शासक के तौर पर तो उसकी चर्चा की ही जाती है इसके साथ ही उसके राज्य की सबसे बड़ी विशेषता यह मानी जाती है कि उसके दरबार में 9 रत्न थे, जिनकी काबलियत के कारण अकबर की 9 रत्नों में जान बसती थीजब भी अकबर के शासन की चर्चा होती है, तो यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी कि 9 रत्नों तक चर्चा अपने आप ही पहुंच जाती है

अकबर के 9 रत्न – Akbar ke 9 ratan

अबुल फ़ज़ल

इतिहासज्ञ अबुल फजल (१५५१ – १६०२) ने अकबर के शासन काल की प्रमुख घटनाओं को कलमबद्ध किया था। उन्होंने अकबरनामा और आइन-ए-अकबरी की रचना की थी। इनका जन्म आगरा में हुआ।

फ़ैज़ी

फैजी(१५४७ – १५९५) अबुल फजल के भाई थे जो फारसी में कविता लिखते थे और जिन्हें अकबर ने अपने बेटे के गणित शिक्षक के पद पर नियुक्त किया था। शेख अबु अल-फ़ैज़, प्रचलित नाम:फ़ैज़ी (२४ सितंबर १५४७, आगरा५ अक्टूबर १५९५, लाहौर मध्यकालीन भारत का फारसी कवि था।

तानसेन

कवि तानसेन अकबर के दरबार के एक विलक्षण संगीतज्ञ थे। संगीत सम्राट तानसेन की नगरी ग्वालियर के लिए कहावत प्रसिद्ध है कि यहाँ बच्चे रोते हैं, तो सुर में और पत्थर लुढ़कते हैं तो ताल में।

बीरबल

परम बुद्धिमान राजा बीरबल (१५२८ – १५८३) अकबर के युद्ध-सलाहकार थे। हास्य-परिहास में इनके अकबर के संग काल्पनिक किस्से आज भी कहे जाते हैं। बिरबल एक कवि भी थे। ब्रह्म के नाम उन्होंने एक कवि के रूप में कविताएँ लिखी हैं जो भरतपुर संग्रहालय राजस्थान में सुरक्षित हैं।

राजा टोडरमल

राजा टोडरमल अकबर के राजस्व और वित्तमंत्री थे। इन्होंने भूमि-पैमाइश के लिए विश्व की प्रथम मापन-प्रणाली तैयार की थी। ये भरतपुर अलवर के पास हरसाना ग्राम के थे अकबर के राज्य कि पेमाइस इन्होने की थी। उत्तर प्रदेश राज्य के एकमात्र राजस्व प्रशिक्षण संस्थान का नाम इनके नाम पर राजा टोडरमल भूलेख प्रशिक्षण संस्थान रखा गया है जहांआईएएस, आईपीएसपीसीएस, पीपीएस के अलावा राजस्व कर्मियों को भूलेख संबंधी प्रशिक्षण दिया जाता है।

राजा मानसिंह

अकबर की सेना के प्रधान सेनापति महाराजा मानसिंह (जयपुर) के आमेर (आम्बेर) कच्छवाहा राजपूत राजा थे जिनकी बुआ/ बहन जोधाबाई}

अब्दुल रहीम खान-ऐ-खाना

रहीम एक प्रतिष्ठित कवि थे और अकबर के संरक्षक बैरम खान के बेटे थे।

फ़क़ीर अज़ियोद्दीन

फकीर अजिओं-दिन अकबर के सलाहकार थे।

मुल्लाह दो पिअज़ा

मुल्लाह दो पिअज़ा अकबर के सलाहकार थे।

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